इस लेख में हमने व्यायाम पर निबंध हिंदी में (Essay on Exercise in Hindi) लिखा है। इसमें व्यायाम का अर्थ, प्रकार, महत्व, नियम, लाभ, 10 लाइन के विषय में जानकारी दिया गया है।
तो अगर आप एक्सरसाइज पर हिंदी निबंध की तलाश कर रहे हैं तो यह लेख आपके लिए सहायक सिद्ध हो सकता है। दिया गया निबंध व्यायाम के सभी जानकारियों को संग्रहित करके तैयार किया गया है जो बेहद ही सरल है।
प्रस्तावना (व्यायाम पर निबंध Essay on Exercise in Hindi)
जिस प्रकार किसी वाहन को सुचारू रूप से चलते रहने के लिए इंधन और रखरखाव की आवश्यकता पड़ती है। उसी प्रकार मनुष्य के शरीर को भी सुचारू रूप से काम करने के लिए व्यायाम की आवश्यकता पड़ती है।
धार्मिक ग्रंथों में भी व्यायाम की एक स्वर में महिमा गाई गई है और इसके अभाव को तमाम तकलीफों को भोगने का कारण बताया गया है।
विकासवाद के इस युग में मनुष्य ने शरीर, मन, बुद्धि और प्रकृति के तरफ से अपना मुंह फेर रखा है जिसके कारण उसे कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है।
व्यायाम शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक विकास के लिए भी जरूरी होता है। आज लोग हजारों रुपये देकर एक खास जगह पर व्यायाम करने जाते हैं।
जो ज्ञान पहले हर किसी को स्वयमेव ग्रहण करना पड़ता था आज उसके लिए व्यायाम टीचर या योग गुरु को हजारों लाखों रुपए देखकर कुछ घंटों का व्यायाम किया जाता है।
व्यायाम न सिर्फ हमें बाहरी तकलीफों से बचाए रखता है बल्कि शरीर के अंदर के रोगाणुओं, जीवाणुओं का नाश करता है और स्वस्थ और सुडौल शरीर बनाने में सहायता करता है।
व्यायाम क्या है? What is Exercise in Hindi?
व्यायाम यह संस्कृत सबसे निकला हुआ शब्द है। जिसका अर्थ होता है शरीर के सभी आयामों (अंग-प्रत्यंगों) को विभिन्न क्रियाओं द्वारा गुजारना जिससे उसका विकास हो।
साधारण अर्थों में शरीर के अंगों को तानना, घुमाना, मोड़ना और अन्य काम जैसे खेलना, कूदना, तैरना यह सभी व्यायाम कहलाते हैं।
व्यायाम को अलग-अलग कारणों के लिए किया जाता है। जैसे कि वजन घटाने के लिए, मजबूती बढ़ाने के लिए, लचीलापन और स्फूर्ति बढ़ाने के लिए व शरीर तथा मन को शांत करने के लिए इत्यादि।
जितने भी खेल वजूद में हैं उन्हें बनाए जाने के पीछे मनोरंजन और व्यायाम ही मुख्य था। जैसे की कबड्डी, खो खो, ऊंची कूद तथा लंबी कूद जैसे खेलों से शारीरिक मजबूती और स्फूर्ति भी बढ़ती है साथ ही खेल भावना की बढ़ोतरी होती है।
व्यायाम के प्रकार Types of Exercises in Hindi
आज के समय में व्यायाम के लिए विभिन्न मशीनों और उपकरणों की सहायता ली जाती है जिससे व्यायाम की शैली और रूपरेखा दोनों बदल गई है। लेकिन व्यायाम की शुरुआत प्राचीन काल में योग और प्राणायाम से ही हुई थी।
प्राचीन काल से योग और खेल को ही व्यायाम का एकमात्र साधन माना जाता था लेकिन समय के साथ व्यायाम के और भी रूप-प्रतिरूप सामने आते गए जो निम्न है।
व्यायाम के मुख्य प्रकारों में आयसोटोनिक, आयसोमट्रिक ,आयसोमेट्रिक और आयसोटोनिक, एनरोबिक्स (शीघ्र व्यायाम), एरोबिक्स (दमसांस वाले व्यायाम), चलना, खेल इत्यादि को शामिल किया जाता है।
जिन कसरतों में हलचल ज्यादा होती है उसे आइसोटोनिक प्रकार के व्यायाम कहते हैं जैसे कि साइकल चलाना, तैरना, दौड़ना इत्यादि।
जब शरीर के द्वारा बल लगाकर किसी चीज को उठाया जाता है या धक्का लगाया जाता है जिसमें गतिशीलता नहीं होती है बल्कि ताकत लगती है उसे आइसोमेट्रिक प्रकार का व्यायाम कहते हैं। जैसे जिम में डंबल उठाना इत्यादि
जिस प्रकार के व्यायाम में गतिशीलता के साथ वजन उठाने को भी शामिल किया जाता है उसे आइसोटोनिक तथा आइसोमेट्रिक मिक्स प्रकार का व्यायाम कहते हैं।
ऐसे प्रकार के व्यायाम को एक निश्चित अंतराल पर किया जाता है उसे एनरोबिक्स प्रकार के व्यायाम कहते हैं जैसे कबड्डी, 200 मीटर रेस इत्यादि।
जिन व्यायाम में शरीर की तनन क्षमता, मजबूती और गतिशीलता तीनों का उपयोग होता है उसे एरोबिक्स कहते हैं। कुछ खास प्रकार के व्यायाम के साथ तेज दौड़ना, ऊंची कूद, लंबी कूद, टेनिस जैसे खेलों को इनमें शामिल किया जाता है।
व्यायाम का महत्व Importance of Exercise in Hindi
सुबह होते ही गाय तथा भैंसों के बच्चे व अन्य जानवर उत्साह पूर्वक उछलने कूदने लगते हैं क्योंकि प्रकृति ने हर एक जीव जंतु के लिए एक ही नियम को बनाया है।
पशुओं के जीवन के मुकाबले इंसानों का जीवन सुख सुविधाओं वाला होता है इसलिए व्यायाम का महत्व इंसानों के लिए सबसे ज्यादा होता है।
व्यायाम करने से शरीर को पर्याप्त कसरत मिलता है इसके कारण शरीर के आंतरिक अंग सुचारू रूप से कार्य कर पाते हैं। एक बार आंतरिक अंग स्वस्थ रुप से कार्य करने लगते हैं तो मन स्वतः शांत और स्वस्थ हो जाता है।
शरीर की रोग प्रतिकारक शक्ति को बढ़ाने के लिए व्यायाम को सर्वोपरि माना जाता है व्यायाम के कारण बाहरी रोगाणुओं- जीवाणुओं का शरीर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।
बड़े से बड़ा चिकित्सक व्यायाम को सबके लिए सर्वोपरि मानता है। इसलिए ही वह अपने सभी मरीजों को व्यायाम जरूर करने की सलाह देता है।
जो बच्चे व्यायाम और खेलकूद में रुचि रखते हैं उनका जीवन व्यायाम न करने वाले बच्चों से बेहतर देखा गया है।
व्यायाम के नियम Rule of Exercise in Hindi
किसी भी चीज से सटीक लाभ लेने के लिए उसके नियमों का पालन करना पड़ता है तथा सावधानियों की समझ भी रखनी होती है। व्यायाम करने के भी कई नियम हैं इसे अगर नजरअंदाज किया जाए तो शारीरिक व मानसिक कष्ट भुगतना पड़ सकता है।
कसरत को करने के लिए प्रातः काल का समय सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। व्यायाम करने से पहले शौच आदि से निवृत हो लेना एक अच्छी आदत मानी जाती है।
व्यायाम के पहले नियम के अनुसार यह कभी भी खाली पेट या खाने के कम से कम 3 घंटे बाद किया जाना चाहिए व आधे घंटे पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पिया जा सकता है।
खुले और हवादार जगहों का प्रयोग व्यायाम करने के लिए किया जाता है क्योंकि इस समय सांसे और शारीरिक तापमान अधिक रफ्तार से चढ़ते और उतरते रहते हैं।
किसी भी प्रकार के कठिन या सरल व्यायाम करने से पहले शरीर की मांसपेशियों को तान कर ढीला करना चाहिए ताकि एकाएक व्यायाम से उन्हें कोई हानि न हो।
जिन्हें कोई भी शारीरिक और मानसिक व्याधि हो उन्हें व्यायाम करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए।
व्यायाम से लाभ Benefits of Exercise in Hindi
व्यायाम से शरीर में स्फूर्ति और ताजगी बनी रहती है जिसके कारण अन्य कामों में ध्यान अच्छे से लग पाता है। इसके सबसे बड़े लाभ के रूप में रोग प्रतिकारक क्षमता की बढ़ोतरी है जीसके कारण शरीर स्वस्थ रहता है।
आइसोटोनिक प्रकार के व्यायाम से हर किसी को कई लाभ होते हैं जैसे कि स्टैमिना का बढ़ना, चेहरे पर निखार आना, रक्त का साफ होना इत्यादि।
योग तथा प्राणायाम करने से हर प्रकार की आधी व्याधि दूर होती है। लंबाई बढ़ाने के लिए ताड़ासन जैसे योग को सर्वोपरि माना जाता है।
प्राणायाम के रूप में अनुलोम विलोम, कपालभाति और भस्त्रिका प्राणायाम से शरीर और मन को अनेकों लाभ होते हैं जैसे एकाग्रता का बढ़ना, विचारों का शांत होना, चिंता का कम होना और आध्यात्मिक उन्नति करना इत्यादि।
व्यायाम पर 10 लाइन Best 10 Lines on Exercise in Hindi
नीचे पढ़ें व्यायाम पर 10 लाइन-
- कसरत से शरीर में काफी ऊर्जा निकल कर गर्मी पैदा होती है। यह गर्मी पसीना और प्रश्वास के माध्यम से शरीर शुद्ध करती है।
- वह कार्य जिससे शरीर सुदृढ़ होता है तथा बल मिलता है, उसे व्यायाम कहते हैं।
- व्यायाम कई प्रकार के होते हैं- दण्ड बैठक करना, प्रातः भ्रमण, दौड़ना, रस्सी कूदना, योगासन करना आदि।
- ऐसे व्यायाम नहीं करने चाहिएँ जिन्हें हमारा शरीर स्वीकार न करता हो।
- व्यायाम करने से पाचन क्रिया भी ठीक रहती है व भूख समय पर लगती है।
- व्यायाम करने से हाथ-पैर और शरीर के अन्य अंग बलिष्ठ हो जाते हैं। शरीर में स्फूर्ति उत्पन्न हो जाती है।
- जो विद्यार्थी व्यायाम नहीं करते, उनका शरीर बेडौल हो जाता है
- प्रात:काल की खुली वायु में व्यायाम करना सर्वोत्तम होता है।
- व्यायाम का चुनाव करते समय व्यक्ति को अपनी आयु, क्षमता तथा शरीर को विशेषताओं का ध्यान में रखना चाहिए।
- बच्चों की लंबाई को बढ़ाने के लिए ताड़ासन जैसे योग को सर्वोपरि माना जाता है।
निष्कर्ष Conclusion
इस लेख में आपने व्यायाम पर निबंध (Essay on the Exercise in Hindi) पढ़ा। आशा है यह निबंध आपको जानकारी से भरपूर लगा हो। अगर यह लेख आपको पसंद आया हो तो इसे शेयर जरूर करें।