आज के इस आर्टिकल में हमने शिक्षा पर निबंध (Education Essay in Hindi) लिखा हैं जिसमे हमने प्रस्तावना, परिभाषा, उद्देश्य, महत्व, अधिकार, समस्याएं, और शिक्षा के वर्तमान स्थिति के बारे में बताया है। यह निबंध 1000+ शब्दों मे स्कूल और कॉलेज के बच्चों के लिए लिखा गया है।
प्रस्तावना Introduction
शिक्षा हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण है। शिक्षा के बिना हम कोई भी काम अच्छे से नहीं कर सकते हैं शिक्षा हमारे जीवन के हर क्षेत्र में काम आता है। तो चलिए हम जानते हैं कि शिक्षा हमारे जीवन में महत्वपूर्ण क्यों है और यह हमारे जीवन के हर क्षेत्र में हमें किस प्रकार से मदद करता है?
आज के बच्चे ही कल का भविष्य है। वह पढेंगे तभी तो आगे बढ़ेंगे। पढ़े-लिखे नागरिक ही देश के पूंजी होती है। अपनी शिक्षा और सूझबूझ के बल पर देश को प्रगति की ओर ले जाते हैं।
शिक्षा की परिभाषा Definitions of Education in Hindi
शिक्षा शब्द संस्कृत के शिक्ष धातु से उत्पन्न हुआ है जिसका अर्थ है सीखना और सिखाना। शिक्षा शब्द अंग्रेजी का Education शब्द की उत्पत्ति लैटिन के educare शब्द से हुई है।
- Education– एजुकेशन का अर्थ है आंतरिक और बहार लाना। कुछ विद्वान मानते हैं कि एजुकेशन शब्द की उत्पत्ति एजुकेट से हुई है जिसका अर्थ है परीक्षण देना।
- Educare– आगे बढ़ना या विकसित करना।
- Edushare– अग्रेषित करना।
क्रो एंड क्रो के अनुसार
“शिक्षा जन्म से लेकर मृत्यु तक आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है।”
फ्रोबेल के अनुसार
“शिक्षा में ज्ञान उचित आचरण व तकनीकी दक्षता शिक्षण व विद्या प्राप्ति आदि समाविष्ट है।”
“शिक्षा समाज की एक पीढ़ी द्वारा अपने से निचली पीढ़ी को अपने ज्ञान के स्थानांतरण का प्रयास है।”
महात्मा गांधी के अनुसार
शिक्षा से तात्पर्य बालक को मनुष्य के शरीर, मन और आत्मा के सर्वांगीण व सर्वोत्कृष्ट विकास से है।
स्वामी विवेकानंद के अनुसार
मनुष्य की अंतर्निहित पूर्णियता को अभिव्यक्त करना ही शिक्षा है।
हर्बर्ट स्पेंसर के अनुसार
शिक्षा का अर्थ अंतः शक्तियों को वाह्य् जीवन से समन्वय स्थापित करना है।
राष्ट्रीय शिक्षा आयोग 1964- 66 के अनुसार
शिक्षा राष्ट्र के आर्थिक, सामाजिक विकास का शक्तिशाली साधन है। शिक्षा राष्ट्रीय संपन्नता एवं राष्ट्र कल्याण की कुंजी है।
शिक्षा के रूप और प्रकार Types of Education in Hindi
व्यवस्था की दृष्टि से देखें तो वह शिक्षा के अग्र लिखित तीन प्रकार हैं-
- औपचारिक शिक्षा
- अनौपचारिक शिक्षा
- निरौपचारिक शिक्षा
1. औपचारिक शिक्षा Formal Education in Hindi
- वहां शिक्षा जो विद्यालयों, विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों में चलती है।
- इस शिक्षा के उद्देश्य पाठ्य चर्चा व शिक्षण विधियां सभी निश्चित होते हैं।
- योजनाबंध व योजना बड़ी कठोर होती है।
- यहां शिक्षा व्यवस्था व्याय् साध्य होती है, अर्थात इसमें धन, समय, ऊर्जा अधिक व्यय् करना पड़ता है।
2. अनौपचारिक शिक्षा Informal Education in Hindi
- शिक्षा जिसकी कोई योजना नहीं बनाई जाती।
- इसके उद्देश्य पाठ्यक्रम शिक्षण विधियां आदि अनिश्चित होती हैं।
- आकाश मिक रूप से सदैव चलने वाली शिक्षा। जीवन प्रयत्न बच्चे की प्रथम शिक्षा इसी अनौपचारिक वातावरण में घर में रहकर ही पूरी होती है।
- व्यक्ति की भाषा आचरण दिशानिर्देश रुचि रुझान आदि इसी शिक्षा पर आधारित है।
3. निरौपचारिक शिक्षा Non-Formal Education in Hindi
- शिक्षा जो अनौपचारिक शिक्षा की भांति विद्यालयों आदि की सीमा में नहीं बांधी जाती है।
- इसका भी उद्देश्य व पर्यावाची निश्चित होती है, फर्क केवल उसकी योजना में होती है जो बहुत ही लचीली होती है।
- इसका उद्देश्य सामान्य शिक्षा का प्रयास करना होता है।
- इसमें सीखने वाले की सुविधा अनुसार शिक्षा शिक्षण, प्रक्रिया स्थान, समय तय होता है।
- प्रौढ़ शिक्षा, सत शिक्षा, दूरस्थ व खुली शिक्षा, कामकाजी महिलाओं हेतु शिक्षा आदि इसी के विभिन्न रूप हैं।
- धन का व्यय सीमित।
शिक्षा का महत्व Importance of Education in Hindi
जीवन में शिक्षा बहुत जरूरी है। शिक्षा आत्मविश्वास विकसित करता है। हर व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में मदद करता है। उचित शिक्षा भविष्य में आगे बढ़ने के लिए बहुत सारे रास्ते बनाती है।
स्कूली शिक्षा हर किसी के जीवन में एक महान भूमिका निभाती है। हमारी अच्छी या बुरी शिक्षा यह तय करती है कि हम भविष्य में इस प्रकार के व्यक्ति होंगे। शिक्षा उच्च पद पर नौकरी पाने में मदद करती है।
शिक्षा का अधिकार Right to Education in Hindi
शिक्षा पुरुष और महिलाओं दोनों के लिए समान रूप से होनी चाहिए क्योंकि दोनों एक साथ स्वस्थ और शिक्षित समाज बनाते हैं शिक्षा समाज के सभी मतभेदों को दूर करने में मदद करती है सभी सपनों को साकार करने का सिर्फ एक हि तारीख का है जो है अच्छी शिक्षा।
शिक्षा का अधिकार सांसद का एक अधिनियम है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A के तहत भारत में 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के महत्व का वर्णन करता है।
शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाने के लिए भारत 135 देशों में एक बन गया। यह अधिनियम 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ। शिक्षा के अधिकार में उन व्यक्तियों के लिए बुनियादी शिक्षा प्रदान करने की भी ज़िम्मेदारी शामिल है, जिन्होंने प्राथमिक शिक्षा पूरी नहीं की है।
शिक्षा की समस्याएं Problems of Eductaion in Hindi
शिक्षा की सबसे बड़ी समस्या गरीबी है। गरीबी के कारण लोग अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दे पाते हैं उनकी अच्छी पढ़ाई के लिए उन्हें विदेश नहीं भेज पाते हैं। धीरे-धीरे अब उच्च शिक्षा इतनी महंगी हो चुकी है कि मध्यम श्रेणी के परिवार के बच्चों का पढ़ना भी बहुत मुश्किल होने लगा है तो गरीब लोग ऐसे मे क्या कर पाएंगे।
बेरोज़गारी भी शिक्षा की बहुत बड़ी समस्या है। अशिक्षित होने के कारण लोग कोई काम नहीं मिलता है जिसके कारण वह बेरोज़गारी हो रहे हैं और अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए पैसा इकट्ठा नहीं कर पा रहे हैं।
भारत में शिक्षा की वर्तमान स्थिति Current state of Education in India
आज शिक्षा की वर्तमान स्थिति देखें तो ज्यादातर लोग शिक्षित होने लगे हैं। शिक्षित होने के कारण अपने बच्चे को अच्छे स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। गरीब हो या अमीर सब कोई अपने बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं।
अच्छी पढ़ाई करने वाले बच्चों को भी स्कालर्शिप दी जा रही है जिससे वे मुफ़्त मे अच्छी शिक्षा ग्रहण करने के लिए विदेश जा पा रहे हैं। अभी भी गाँव-देहात के लोगों को
शिक्षा पर 10 वाक्य 10 Lines on Education in Hindi
- शिक्षा हमारे जीवन में अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
- शिक्षा के बिना मानव जाति का जीवन अधूरा है।
- शिक्षा हमारे जीवन में अहम भूमिका निभाती है।
- पढ़े-लिखे नागरिक ही देश की पूंजी होती है।
- शिक्षा शब्द संस्कृत के सीखा धातु से उत्पन्न हुआ है जिसका अर्थ है सीखना और सीखाना है।
- व्यवस्था की दृष्टि से देखें तो वह शिक्षा के तीन प्रकार होते हैं औपचारिक शिक्षा, अनौपचारिक शिक्षा, निरौपचारिक शिक्षा।
- शिक्षा जन्म से लेकर मृत्यु तक आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है।
- शिक्षा आत्मविश्वास विकसित करता है। हर व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास में मदद करता है।
- स्कूली शिक्षा हर किसी के जीवन में एक महान भूमिका निभाती है।
- शिक्षा पुरुष और महिलाओं दोनों के लिए समान रूप से होनी चाहिए।
निष्कर्ष Conclusion
इस निबंध से हमें यही सिख मिलाती है की हम सभी के जीवन में शिक्षा का बहुंत ही महत्व है। हमें बच्चों को भी अच्छी शिक्षा देनी चाहिए। हमें हमेशा कोशिश करनी चाहिए की कोई भी अशिक्षित न हो। आशा करते है आपको हमारा यह शिक्षा पर निबंध अच्छा लगा होगा। कमेन्ट के माध्यम से हमें अपने सुझाव जरूर भेजें।