पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध Essay on Environment Pollution in Hindi

आज के इस लेख में हमने पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध (Essay on Environment Pollution in Hindi) प्रकाशित है। जिसे विद्यार्थी 100, 300, 500, 700, 900 शब्दों में अपने ज़रुरत अनुसार लिख कर मदद ले सकते हैं।

आप सभी जानते हो कि, हमारा पर्यावरण कितना प्रदूषित हो रहा है। जिसके कारण हमें अनेक प्रकार की बीमारियों और तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। आज इस आर्टिकल में हमने आपको पर्यावरण प्रदूषण के बारे में तथा इसे रोकने के उपाय बताया है।

प्रस्तावना Introduction

पर्यावरण प्रदूषण का अर्थ होता है पर्यावरण का विनाश। आज के दिन में पर्यावरण प्रदूषण हमारे लिए एक अभिशाप बन गया है।

प्रदूषण का अर्थ क्या होता है?  Definition of Pollution

प्रदूषण का अर्थ होता है हमारे पर्यावरण का दूषित होना। आज के दिन में हमारे पर्यावरण में कई प्रकार के प्रदूषण हैं।  यह एक ऐसी परिस्तिथि होती है जिसमे – ना हमें शुद्ध जल मिल पाता है, ना हमें अच्छा खाना मिल पाता है,ना हम शुद्ध वायु सांस ले पाते हैं और ना ही हम अच्छे से अपने वातावरण में रह पाते हैं।

अब आईये निचे हम आपको बताते है पर्यावरण प्रदूषण के प्रकार, उनके होने के कारण, पर्यावरण पर उनके प्रभाव तथा उन्हें रोकने के उपाय।  

प्रदूषण के प्रकार Types of Pollution

प्रदूषण विभिन्न प्रकार के होते हैं- जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, उष्मीय प्रदूषण, मृदा प्रदूषण, रेडियोधर्मी प्रदूषण।

जल प्रदूषण Water pollution

कल कारखानों से निकलने वाले दूषित जल को नदियों नालों में बहा दिया जाता है। मरे हुए जीव जंतुओं की शरीर को तालाबों में नदी नालों में बहा दिया जाता है।  जिससे हमारे नदी नाले प्रदूषित हो जाते हैं। जिसके कारण लोगों को अनेक प्रकार की बीमारियां होती है और कई लोगों की मौत भी हो जाती है।

जल प्रदूषण का मुख्य कारण हमारे औद्योगिक कल कारखाने हैं। खेतो के लिए अनेक प्रकार के रासायनिक खादों का उपयोग किया जाता है जिससे बारिश के दिनों में वह रासायनिक खाद्य हमारे नदी नाले तालाबों तक पहुंच जाते हैं और हमारे पानी को दूषित कर देते हैं।

वायु प्रदूषण Air Pollution

शहरों में वायु प्रदूषण की समस्या अधिक होती है। कल कारखानों से निकलने वाले काले धुएं, मोटर गाड़ी आदि वाहनों से निकलने वाले काले धुएं, हमारे फेफड़े तक जाकर हमें नुकसान पहुँचाते हैं। प्रदूषण की सबसे बड़ी समस्या है बढ़ती हुई जनसंख्या। लोग रहने के लिए घर बनाने को हमारे वनों को काट रहे हैं जिसके कारण यह वायु प्रदूषण दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहा है।

ध्वनि प्रदूषण Sound Pollution

कल कारख़ानों, मोटर वाहनों और लाउडस्पीकर से निकलने वाले आवाज़ से हमारे वातावरण में ध्वनि प्रदूषण हो रहा है। ध्वनि प्रदूषण के कारण बहरेपन और तनाव जैसी बीमारियाँ देखने को मिल रही है।

उष्मीय या थर्मल प्रदूषण Thermal Pollution

जब एक बिजली संयंत्र मरम्मत तथा अन्य कारणों से खोला जाता है या बंद किया जाता है तो इसकी वजह से मछलियां या अन्य प्रकार के जीवाणुओं जो कि एक विशेष प्रकार के तापमान के आदी होते हैं अचानक तापमान में हुई बढ़ोतरी से मर जाते हैं। इसे थर्मल झटका कहा जाता है या उष्मीय प्रदूषण कहते है।

मिट्टी प्रदूषण Soil Pollution

मृदा प्रदूषण मानव निर्मित रासायनिक खादो कल कारखानों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थ हो जो सीधा या अप्रत्यक्ष रूप से मिट्टी में मिल कार मिट्टी को प्रभावित करते हैं जो भूमि में उर्वरकता को कम करने का कारण बनते हैं और इसे फसल के लिए अयोग्य बनता है।

प्रकाश प्रदूषण Light Pollution

प्रकाश प्रदूषण, जिसे फोटो पॉल्यूशन या चमकदार प्रदूषण के रूप में भी जाना जाता है यह कृत्रिम बाहरी प्रकाश का अत्यधिक गलत प्रयोग या आक्रमक उपयोग है। गलत तरीके का प्रकाश व्यवस्था रात के आगमन के रंग को धुँधला कर देता है। प्राकृतिक तारों का प्रकाश और सकैंडियन की लय ( ज्यादातर जीवों की 24 घंटे की प्रक्रिया) को बाधित करता है। यह पर्यावरण ऊर्जा संसाधन, वन्य जीव मानव और खगोल विज्ञान के शोध को प्रभावित करता है।

रेडियोधर्मी प्रदूषण Radioactive Pollution

रेडियोधर्मी पदार्थ जब, ठोस, तरल और गैस के रूप में पर्यावरण को दूषित करते हैं तो उसे रेडियोधर्मी प्रदूषण कहते हैं। इसके सबसे बड़े कारण परमाणु हथियारों का परीक्षण, एक्स रे मशीन, परमाणु विस्फोट वैज्ञानिक अनुसंसाधन एवं परमाणु इंधन के प्रयोग हैं।

निर्माण के समय होने वाले दुर्घटना के कारण यह प्रदूषण फैलता है। जिससे आसपास का वातावरण प्रदूषित हो जाता है। इस प्रदूषण के कारण जीव जंतु और मनुष्य के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

प्रदूषण के दुष्परिणाम Bad effects of Pollution

इन सब प्रदूषण के कारण हमारे जीवन में बहुत सारियां तकलीफ है हो रही हैं। कल कारखानों से निकलने वाले धुएं हमारे फेफड़ों तक जाकर हमें बीमार कर रही हैं। दूषित जल पीकर आदमी आज बहुत ही बीमार पड़ रहा है। हम शुद्ध सांस लेने को तरस जाते हैं।

वातावरण के इन सब प्रदूषण के कारण कोई भैरा हो रहा है ,कोई अपंग हो रहा है, सांस लेने में तकलीफ़ हो रही है, और लोगों को अनेक प्रकार की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। ना वर्षा टाइम पर हो रही है, ना सर्दी और गर्मी का ऋतु भी टाइम पर नहीं आ रहा है। प्रदूषण के कारण सूखा,  बाढ़, भूकंप, ओला आदि हो रहे हैं।

प्रदूषण के कारण Causes of Environmental Pollution

बढ़ती हुए जनसंख्या हमारे पर्यावरण प्रदूषण का मुख्य करण है। कल कारखानों से निकलने वाले गैस ,विगानिका साधनों का अत्यधिक उपयोग हमारे वातावरण में प्रदूषण का करण है। बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण वृक्षों की अंधाधुंध कटाई हो रही है जिसके कारण हमारा वायु प्रदूषित हो रहा है और हमें सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है। 

प्रदूषण को रोकने के उपाय Tips to Control Pollution

  1. जो भी बनाये गए कारखाने हैं उन्हें अब हटाया तो नहीं जा सकता लेकिन आगे बनाए जाने वाले कारख़ानों को शहर से दूर बनाने दिया जाना चाहिए।
  2. ऐसे योजनाएं और इको-फ्रेंडली गाड़ियाँ बनाना चाहिए जिससे कम धुआँ निकले और हम हमारे वायु प्रदूषण को रोक सके।
  3. कार पूलिंग कर भी एक ही गाडी में कई लोग ऑफिस जा सकते हैं इससे इंधन भी बचेगा और ।
  4. जंगलों के पेड़-पौधों की अंधाधुंध कटाई को रोकना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करना चाहिए।
  5. नदी नालों के पानी में कचरा फेंक कर दूषित नहीं करना चाहिए।
  6. प्लास्टिक का उपयोग ना करके रिसाइकल होने वाले बैग, या कपड़े का थैला इस्तेमाल करना चाहिए। हालांकि भारत में प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद कर दिया गया है परन्तु अभी भी कई जगह छुप कर कंपनियां प्लास्टिक की थैलियाँ बना रहें हैं। ऐसे कारख़ानों को बंद कर किया जाना चाहिए।
  7. किसानों को अपने खेतों में रसायानिक खादों का उपयोग बंद करना चाहिए जिससे मृदा प्रदूषण में कमी आये।

निष्कर्ष

आशा करते है आपको पर्यावरण प्रदूषण पर ये निबंध अच्छा लगा होगा। हम सबको मिलकर पृथ्वी में प्रदूषण को रोकना होगा और एक सुन्दर और पर्यावरण बनाना होगा।

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