इस लेख में हमने मेरी प्रथम हवाई जहाज यात्रा पर निबंध हिंदी में (My First Aeroplane Journey Essay in Hindi) लिखा है। जिसमें हवाई जहाज यात्रा से पहले की उत्सुकता, तैयारी, अनुभव तथा 10 लाइन को बेहद आकर्षक तरीके से लिखा गया है।
प्रस्तावना (मेरी प्रथम हवाई जहाज यात्रा पर निबंध हिंदी में My First Aeroplane Journey Essay in Hindi)
हवाई जहाज यात्रा यह यात्रा का सबसे अंतिम स्वरूप है। जिसमें विमान में बैठकर एक हवाई अड्डे से दूसरे हवाई अड्डे तक पहुंचा जाता है।
सभी लोग अपनी आवक के अनुसार अपनी यात्रा करने के जरिए को चुनते हैं। गरीब तथा मध्यम वर्ग के लोग यात्रा के लिए रेल के जनरल क्लास या स्लीपर क्लास को चुनते हैं।
उच्च मध्यमवर्गीय तथा श्रीमंत वर्ग के लोग यात्रा के लिए हवाई सफर को चुनते हैं। हवाई सफर के भी कई भाग होते हैं। जिसमें बिजनेस क्लास,फर्स्ट क्लास, सेकंड क्लास, इकोनामी क्लास मुख्य होते हैं।
आवश्यकता पड़ने पर निम्न मध्यमवर्गीय लोग भी हवाई सफर करते हैं। हमारा परिवार एक उच्च मध्यमवर्गीय परिवार है। विगत गर्मी की छुट्टी में हमने काठमांडू तक हवाई यात्रा की।
हवाई जहाज यात्रा से पहले की उत्सुकता Exitement Before Aeroplane Journey in Hindi
हवाई जहाज की यात्रा करने से पहले मैं और मेरा परिवार बहुत ही उत्सुक था। क्योंकि मैं पहली बार हवाई जहाज में बैठने वाला था।
लगभग एक सप्ताह पहले से ही मैंने अपने सामान को समेटना शुरू कर दिया था और काठमांडू जाकर मैं क्या क्या करूंगा? इसकी रूपरेखा तैयार करना शुरू कर दिया था।
हालांकि मेरे कुछ दोस्त वहां पर पहले ही यात्रा कर चुके थे। इसलिए उनके अनुभवों को जानकर मेरे अंदर की उत्सुकता बेहद ज्यादा बढ़ गई थी।
मेरे परिवार ने काठमांडू के ठंडे तापमान से बचने के लिए गर्म कपड़े तथा जरूरी खरीदारी शुरू कर दी थी। मेरा छोटा भाई अभिनव इतना अधिक उत्सुक था कि वह अपनी पूरी तैयारी सबसे पहले करके बैठ गया था।
मेरी उत्सुकता के कारण कई बार मुझे हवाई जहाज में बैठने के सपने भी आए थे। इसलिए मैं इस सैर के लिए और भी ज्यादा उत्सुक हो चुका था।
मेरी प्रथम हवाई जहाज यात्रा से पहले की तैयारी My Preparation Before Aeroplane Journey in Hindi
जब प्रथम हवाई जहाज यात्रा करने का समय नजदीक आया तो हमारी तैयारियों में तेजी आने लगी। पिताजी ने जरूरी कागजात और पैसों और एटीएम कार्ड को सुरक्षित रख लिया।
मेरी माता जी ने सभी के सामान को दोबारा चेक किया और हम सोमवार शाम छः बजे की हवाई जहाज यात्रा करने के लिए दो घंटे पहले ही हवाई अड्डे पर पहुंच गए।
हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद हमारे सामान की जांच पड़ताल हुई तथा टिकट देखकर हमें जहाज में बैठने का आदेश मिल गया। हमारा अभिमान इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आठ बजे उड़ा।
जब मैं पहली बार विमान में बैठा When i sat on the plane for the first time
उड़ान के पहले पायलट ने चेतावनी दी और सीट बेल्ट पहनने का आग्रह भी किया। जब विमान रनवे पर दौड़ना शुरू किया तो बहुत तेज आवाज हुई। शुरुआत में मुझे डर लगा और घबराहट तथा चक्कर जैसा महसूस हुआ।
लेकिन बहुत ही जल्दी सब कुछ पूरी तरह सामान्य हो गया और हवाई जहाज तेज गति से उड़ने लगा। जब मैं पहली बार विमान में बैठा तो मुझे अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा था।
मैंने नजदीक की खिड़कियों से बाहर देखा तो मुझे बड़े-बड़े जंगल, नदिया, इमारतें बेहद ही छोटे नजर आ रहे थे। यह दृश्य मेरे लिए बहुत ही खास था। मैंने और मेरे परिवार ने हवाई जहाज में बहुत सारी सेल्फीयां खींची।
जब मैं पहली बार हवाई जहाज में बैठा तो मुझे लगा की यह जिंदगी कितनी बेहतरीन होती है जिसमें यात्रा बेहद ही कम समय में हो जाती है तथा समय बचता है।
उड़ान के कुछ देर बाद एयर होस्टेस ने हमें चाय और नाश्ता के लिए पूछा। मैंने और मेरे परिवार ने नाश्ता किया। हालांकि नाश्ता बेहद सामान्य किस्म का था तो भी हमारे लिए बड़ी बात थी।
मैंने देखा कि कुछ लोग बेहद डरे हुए हैं संभवतः वो भी मेरी तरह पहली बार हवाई जहाज में यात्रा कर रहे होंगे। वहीं कुछ लोग आराम से सो रहे थे तथा कुछ लोग किताबें पढ़ रहे थे।
मैंने पहले बहुत सी फिल्मों में हवाई जहाज क्रैश होने के बारे में देखा था। इसलिए जब मैं पहली बार एरोप्लेन में बैठा तो मेरे मन में एक छोटा सा डर यह भी था कि कहीं हमारा प्लेन क्रैश ना हो जाए। लेकिन बहुत ही जल्दी वह डर दूर हो गया और विज्ञान तथा पायलट की कुशलता पर भरोसा भी हुआ।
मेरी प्रथम हवाई जहाज यात्रा का अनुभव My First Aeroplane journey Experience in Hindi
यात्रा का अनुभव बेहद सुकून भरा रहा। जिसमें एक तरफ हवाई जहाज में सफर करने का पहला अनुभव था तो वहीं दूसरी तरफ कुछ जिज्ञासा भी थी।
हवाई जहाज में बैठने के साथ मुझे यह भी अनुभव हो रहा था कि मनुष्य के मस्तिष्क में कितनी शक्तियां हैं। जिसके माध्यम से वह ऐसे आविष्कार कर सका।
सफर के दौरान मेरा परिचय केरल के मिस्टर अय्यर से हुआ। जो पेशे से एक डॉक्टर थे। उनके साथ बात करके मुझे बहुत ही अच्छा लगा। मिस्टर अय्यर ने मुझे डॉक्टरी के उन जरूरी पहलुओं के बारे में बताया जिसको पार करके वे एक बड़े डॉक्टर बन सके।
मेरी पहली हवाई जहाज यात्रा में मुझे सकारात्मकता का आभास हुआ। मैंने यह प्रण लिया कि मैं पढ़ लिख कर बड़ा आदमी बनूंगा और अपने परिवार के लिए इससे भी अच्छी यात्राओं का आयोजन कर आऊंगा।
पहाड़ों से घिरे हुए काठमांडू शहर को देखना मेरा एक बेहतरीन अनुभव था। जिसे मैंने कैमरे में कैद कर लिया है।
हालांकि मेरी प्रथम हवाई जहाज यात्रा में कुछ कड़वे अनुभव भी रहे। जिसमें वह शर्मनाक पल था जब मैंने अनजाने में खिड़की खोलने की बात कह दी। जिसके बाद मेरी खिल्ली उड़ी। लेकिन मेरे पिताजी ने मुझे हवाई जहाज में खिड़की ना खोल सकने का वैज्ञानिक कारण बताया।
कुछ ही घंटों में हमारा विमान नेपाल के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। सभी यात्री अपने सामान को लेकर हवाई अड्डे से बाहर निकले।
जहां पर हमने टैक्सी में काठमांडू के होटल तक सफर किया। जिसके बाद काठमांडू के मशहूर स्थलों तथा मंदिरों में घूम कर हमने लगभग सप्ताह भर बाद वापसी के लिए फिर से नेपाल के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का रुख किया तथा कुछ ही घंटों का सफर कर घर वापस आ गए। कुछ इस प्रकार मेरी प्रथम हवाई जहाज यात्रा बेहद ही सुखदाई रही।
मेरी प्रथम हवाई जहाज यात्रा से सीख Learnings from my First Aeroplane Journey in Hindi
मेरी पहली हवाई जहाज यात्रा से मुझे ढेर सारी चीजें सीखने को मिली। जैसे हवाई जहाज की यात्रा करने से समय का एक बड़ा भाग बचता है।
इसलिए बड़े से बड़ा उद्योगपति अपने समय को बचाने के लिए हवाई जहाज में ही सफर करता है। इस बात ने मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाया तथा मैंने अपनी काबिलियत को बढ़ाकर अपने तथा अपने परिवार के लिए बेहतरीन भविष्य का सपना देखा।
हवाई जहाज की यात्रा करके मैंने यह भी सीखा कि किस प्रकार मनुष्य अपने मस्तिष्क का उपयोग करके विकास कर सकता है। इससे मुझे आत्मविश्वास मिला कि मैं भी अपने मस्तिष्क का उपयोग करके अपने लिए एक अच्छी जिंदगी का निर्माण कर सकता हूं।
मेरी प्रथम हवाई जहाज यात्रा पर 10 लाइन Best 10 lines on My first Aeroplane Journey in Hindi
- मेरी प्रथम हवाई जहाज यात्रा भोपाल, मध्य प्रदेश से लेकर काठमांडू नेपाल तक थी।
- यात्रा करने से पहले पिताजी ने पूरे परिवार का हवाई जहाज का टिकट निकाला जिसकी कीमत बेहद ही अधिक थी।
- हवाई जहाज यात्रा करने के एक सप्ताह पहले से ही हमारे परिवार ने तैयारी शुरू कर दी थी।
- मेरी प्रथम हवाई जहाज यात्रा के लिए हमारा सामान चेक करने के बाद हमें हवाई जहाज में बैठने की अनुमति मिली।
- हवाई जहाज के अंदर से पर्वत, नदी तथा इमारतें बेहद ही छोटी नजर आती हैं।
- भोपाल से नेपाल तक की मेरी पहली हवाई जहाज यात्रा कुछ ही घंटों की थी।
- हवाई जहाज में बैठने के बाद एयर होस्टेस द्वारा हमें चाय नाश्ता का आग्रह किया गया।
- हवाई जहाज में फोन तथा धूम्रपान का उपयोग पूरी तरह से वर्जित होता है।
- मेरी पहली हवाई जहाज की यात्रा में मैंने हवाई जहाज में काम कर रहे कर्मचारियों की कठिनाइयों को जाना।
- हवाई जहाज में ज्यादातर मध्यम वर्गीय, उच्च वर्गीय व्यक्ति ही सफर करते हैं।
निष्कर्ष Conclusion
इस लेख में आपने मेरी प्रथम हवाई जहाज यात्रा पर निबंध (Essay On My First Aeroplane Journey In Hindi) पढ़ा। आशा है यह लेख आपको पसंद आया हो। अगर यह निबंध आको सहायक लगा हो तो इसे शेयर जरुर करें.