होली त्यौहार पर निबंध Holi Festival Essay in Hindi

आज के इस लेख में हमने बच्चों के लिए होली त्यौहार पर एक निबंध (Holi Festival Essay in Hindi) लिखा हुआ है। इसमें हमने प्रस्तावना, महत्व, पौराणिक कथा, तारीख के विषय में पूरी जानकारी दी है।

इस निबंध से स्कूल और कॉलेज के बच्चे 100, 300, 500, 700 शब्दों में होली पर निबंध बना कर परीक्षा और प्रतियोगिता के लिए मदद ले सकते हैं।

प्रस्तावना (होली त्यौहार पर निबंध Holi Festival Essay in Hindi)

होली का त्योहार भारत के हर क्षेत्र में खुशियों का रंग लेकर आता है। हर घर में यह त्यौहार खुशियों के रंग बिखेर देता है इसलिए इस त्यौहार को रंगों का त्योहार भी कहते हैं। यह त्यौहार बसंत ऋतू में मनाया जाता है यह त्यौहार लोगों के बीच प्रेम लेकर आता है। इस त्यौहार को सब कोई मिलजुल कर इस का आनंद उठाते है।

यह त्यौहार बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है इसीलिए लोग इस त्यौहार का इंतजार करते रहते हैं। इस दिन लोग अपने सारे गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे को गुलाल लगाते हैं।

यह त्यौहार 2 दिन मनाया जाता है पहले दिन होलिका दहन की जाती है पहले दिन को छोटी होली तथा दूसरे दिन को बड़ी होली कहा जाता है। होलिका दहन की एक लोकप्रिय कहानी भी है। 

होली पर्व कब है? When is Holi Festival?

हिंदू कैलेंडर के अनुसार यह त्यौहार प्रति माह फरवरी या मार्च के महीने में पूर्ण चंद्रमा के दिन  फाल्गुन पूर्णिमा पर होता है। इस बार यहां 9 और 10 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन लोग अपनी सभी समस्याओं को भूलकर होली खेलते हैं नाचते हैं गाते हैं और खुशियां मनाते हैं। अपने रिश्ते को और मजबूत बनाते हैं। 

होली का यह त्यौहार अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग प्रकार से मनाया जाता है। पूर्णिमा के पहले दिन की होली को होली पूर्णिमा के नाम से  मनाया जाता है । इस दिन लोग एक दूसरे को रंग लगाते हैं। इस दिन मुहूर्त के हिसाब से होलिका दहन किया जाता है। 

होली का महत्व आप इस कहानी के द्वारा जान सकते हैं Story on Holi in Hindi

एक दैत्य हिरण्यकश्यप था। उसका पुत्र प्रहलाद एक विष्णु भक्त था। यह बात उसके असुर पिता को पसंद नहीं थी क्योंकि वह स्वयं को भगवान मनाता था। वह भगवान विष्णु का विरोधी था। लेकिन भक्त प्रहलाद भगवान विष्णु का असीम भक्त था।

भक्त प्रहलाद को हिरण्यकश्यप ने कई बार भगवान विष्णु की पूजा करने से रोका और जब प्रहलाद नहीं माना तब हिरण्यकश्यप ने उसे मारने की कोशिश की। पर वह नहीं मार सका। तब हिरण्यकश्यप अपनी बहन होलिका के पास गया और उससे मदद मांगी।

होलिका को वरदान मिला था कि वह आग में कभी भी नहीं जलेगी। होलीका ने अपने भाई की बात मान ली और वह भक्त प्रहलाद को अपने गोदी में बिठाकर जलती हुई आग में बैठ गई, परंतु भक्त प्रहलाद भगवान विष्णु के आशीर्वाद के कारण नहीं जला और बच गया और होलीका जल कर भस्म हो गई।

इस कहानी से हमें यह पता चलता है कि बुराई की हमेशा हार होती है और अच्छाई की हमेशा जीत। छोटी होली के दिन होली जलाते हैं तथा बड़ी होली के दिन सब कोई एक दूसरे को रंग-बिरंगे गुलाल लगाकर खुशियां मनाते हैं। 

होली त्यौहार का उत्सव Holi Festival Celebration

होली रंगो  और प्रेम का त्यौहार है। यह प्रति वर्ष हिंदुओं द्वारा मनाये जाने वाला बहुत बड़ा पर्व है। इस दिन लोग सुबह से उठकर नहा धोकर अपने रिश्तेदारों दोस्तों बाहर के लोगों के साथ मिलकर उसी से एक दूसरे को रंग लगाकर होली खेलते हैं। सबके लिए यह त्यौहार बहुत ही महत्वपूर्ण होता है।

बच्चे दो-तीन दिन पहले से ही बाजारों से रंग बिरंगी गुलाल पिचकारी गुब्बारे ले आते हैं। लोग अपने मित्रों के साथ मिलकर होली का आनंद उठाते हैं। सभी लोग आपस में एक दूसरे की दुश्मनी को भूल कर एक दूसरे को गले मिलते हैं और रंग लगाते हैं।

घर में महिलाएं गुजिया, दही वडा, कचौड़ी, रबड़ी खीर, मालपुआ, जैसे अनेक पकवान बनाते हैं और आस-पड़ोस के लोगों को बांटते हैं। कई लोग इस दिन होली का भांग शरबत पी कर भी मज़े उड़ाते हैं। होली की शाम को सब कोई मिलकर होली जलाते हैं और उसकी परिक्रमा करते हुए गीत गाते हैं।  

यह माना जाता है कि होली की शाम को जो कोई भी होलिका जलाकर उसकी पारंपरिक रूप से पूजा करता है उसकी हर प्रकार की तकलीफ दूर हो जाती है और उसके जीवन में अच्छी चीजों की शुरुआत होती है। 

कई लोग होली का एक झुंड बनाकर होली खेलने निकलते हैं। लोग लाल रंग के गुलाल को प्यार और लगाव की निशान मानते हैं इसलिए सबसे पहले लोग लाल रंग के गुलाल को एक दूसरे पर लगाते हैं। 

इस त्यौहार को बनारस, काशी, वृंदावन, ब्रज, मथुरा के लोग भी बहुत ही धूमधाम से और खुशी से मनाते हैं। इन सभी जगह की होली पूरे भारत में प्रसिद्ध है।

निष्कर्ष Conclusion

होली एक ऐसा त्यौहार है जो लगभग भारत के हर घर में मनाया जाता है। यह त्यौहार बच्चों से लेकर बूढों तक सब मनाते हैं। आशा करते हैं आपको इस लेख से होली त्यौहार के विषय में बहुत कुछ जानने को मिला होगा। अगर आपको यह होली पर निबंध अच्छा लगा है तो इसे अपने सोशल मीडिया में शेयर करें।

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