मेरे सपनों का भारत निबंध Mere Sapno Ka Bharat Essay in Hindi

हेलो दोस्तों आज हमने इस आर्टिकल पर मेरे सपनों का भारत पर एक निबंध (India of My Dreams Essay in Hindi) है। इसमें मैंने कल्पना की है कि में अपने भारत को कैसा देखता चाहती हूँ। हो सकता है आपको मेरी यह कल्पना आज के भारत से आपको बहुत अलग लगे। 

हम सब जानते हैं कि हमारा भारत एक महान देश है जहां विभिन्न तरह की संस्कृतियां और अनेक धर्म के लोग रहते हैं। मेरे सपनों का भारत एक ऐसा महान देश है जहां पर लोगों के प्रति जाति धर्म लिंग रूप अथवा अन्य किसी प्रकार के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं होता हो। तो आईये में आपको मेरे सपनों के भारत के बारे में विस्तार में बताती हूँ।

प्रस्तावना Introduction

मेरे भारत में विभिन्न प्रकार के लोग रहते हैं।  भारत में अनेक प्रकार की संस्कृतिया , अनेक धर्म, अनेक भाषाएं हैं जहां लोगों के प्रति जाती पाती  पर भेदभाव नहीं होता है। भारत एक प्रगतिशील देश है। 

लोगों को शिक्षा मिले

शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जिससे किसी भी देश एक विकसित देश बन सकता है। आज भी हमारे देश में बहुत से लोग अशिक्षित हैं जिससे हमारे देश का विकास नहीं हो पा रहा है। साथ ही उनको सही रोज़गार नहीं मिल पा रहा है।

मेरे सपनों का भारत एक विकसित देश बने यहां का कोई भी नागरिक और अशिक्षित ना हो सब शिक्षित हो। भारत का प्रत्येक नागरिक शिक्षा के प्रति जागरूक हो। जब सब घर में लोग शिक्षित होंगे तो हमारे भारत के विकास को कोई नहीं रोक सकता। इसलिए मैं चाहती हूं कि मेरे सपनों के भारत के लोग सब कोई शिक्षित हों। 

सबको रोज़गार मिले

किसी भी विकासशील देश में रोज़गार की कमी नहीं होती है। विकसित देश को रोज़गार तथा अन्य विषय के पैमाने में मापा जाता हैं। देश का विकसित होना उसके रोज़गार पर निर्भर करता है। 

हम सभी जानते हैं कि आज हमारे भारत में रोज़गार को लेकर क्या हालत है। भारत में उन लोगों को भी रोज़गार नहीं मिल पा रहा है जो उसके काबिल हैं। बेरोज़गारी की समस्या भारत में दिनों दिन बढ़ती जा रही है। जब किसी देश में बेरोज़गारी की समस्या बढ़ती है तो उस देश में अपराध भी बहुत होते हैं। भारत में बेरोज़गारी के कारण भारत का विकास पर रुका हुआ है। 

मेरा मानना है कि मेरे सपनों का भारत ऐसा होना चाहिए जहां कहीं भी बेरोज़गारी ना हो। व्यक्ति को समान रूप से रोज़गार मिले जिससे वे अपने देश के आर्थिक स्थिति सुधार सकें जिससे हमारे देश का विकास हो। और एक प्रगतिशील देश बने। देश के विकास के लिए अत्यंत जरूरी है। 

देश से गरीबी दूर हो

हम जानते हैं कि हमारे भारत देश में गरीबी एक बहुत बड़ी समस्या है जहां लोगों को रहने के लिए घर और खाने के लिए खाना नहीं मिल रहा है। गरीबी की यह जिंदगी नर्क से भी कम नहीं है। भारत देश में  आर्थिक असमानता बहुत है। 

जो गरीब है वह दिनोंदिन और भी गरीब होते जा रहा है और जो अमीर है वह दिनों दिन और भी अमीर होते जा रहा है मेरे सोच के अनुसार मेरे सपनों का भारत आज के भारत से कुछ अलग है। जहां सभी के पास पैसे हैं रहने के लिए मकान हो खाने के लिए खाना हो पहनने के लिए कपड़ा हो। मेरे सपनों के भारत में सभी नागरिकों को समान अधिकार मिले।

लोगों के बीच भेदभाव न हो

आज के इस आधुनिक समय में भी भारत देश में भेदभाव किया जाता है।  भारत में आज भी लोगों के साथ जाति धर्म रंग रूप आर्थिक स्थिति अथवा अन्य किसी आधार पर लोग भेदभाव करते हैं। 

मैं चाहती हूं कि मेरे सपनों का भारत ऐसा हो जहां किसी भी लोगों के साथ भेदभाव ना किया जाए। मेरा मानना है कि भारत के लोगों के साथ जाति धर्म रंग रूप किसी भी प्रकार से भेदभाव ना हो सबको समान अधिकार हो।

देश से भ्रष्टाचार ख़त्म हो जाये

आज हमारे देश में भ्रष्टाचार बहुत ही तेजी से फैल रहा है यह एक बीमारी की तरह है यदि इसे नहीं रोका गया तो हमारा  भारत पूरा नष्ट हो जाएगा। भ्रष्टाचार का प्रभाव अत्यंत ही व्यापक है। जीवन का कोई भी क्षेत्र इसके प्रभाव से मुक्त नहीं है। भ्रष्टाचार के कारण कोई  रिश्वत लेते हुए भी पकड़ा जाता है और रिश्वत देकर ही वह छूट जाता है। 

मेरे सपनों का भारत देश ऐसा होना चाहिए जहां भ्रष्टाचार ना हो। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कठोर से कठोर व्यवस्था और कानून बनाने हो। लोगों को स्वयं के अंदर हिमत  होनी चाहिए तभी हम भ्रष्टाचार को रोक सकते हैं। 

जाति और धर्म के मुद्दे समाप्त हो जाएँ

जब किसी देश में राजनेता जाति और धर्म के  मुद्दे में जनता के बीच विरोधी पैदा करते हैं। जिसके कारण उस देश में बटवारा और पतन निश्चय है। भारत में जातिवादी के नाम पर राजनेता लोग जनता के बीच नफरत पैदा कर देते हैं। और धर्म को लेकर लोगों के साथ भेदभाव करते हैं। 

मैं चाहती हूं कि मेरे सपनों का भारत  ऐसा हो जहां जाति धर्म पर भेदभाव ना हो और सबको समान अधिकार हो। धर्म को लेकर लोगों के मन में एक दूसरों के प्रति भेदभाव ना हो। 

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिले

आज के इस आधुनिक युग में भारत के कई स्थानों पर महिला को  घरेलू कामकाज के लिए समझा जाता है। लोगों को लगता है कि महिला घर पर  रह सकती हैं। लेकिन कुछ समय पहले महिला सशक्तिकरण का अभियान चलाया गया। जिससे लोगों को भी पता चल सके कि महिला किसी से कम नहीं है। 

महिला सशक्तिकरण के अभियान से हमें धीरे-धीरे यह देखने को मिल रहा है कि महिलाएं घर से बाहर निकल रही हैं और पुरुष के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। मैं चाहती हूं कि मेरे सपनों का भारत ऐसा हो जहां पुरुष और महिला को समान अधिकार दिया जाए। और महिला को कभी भी पुरुष से कम ना समझा जाए। 

औद्योगिक और तकनीकी विकास हो

किसी भी देश को विकसित मानने में कई पैमाने होते हैं जब किसी भी देश में तकनीकी  विकास होता है तो वहां के लोग तकनीकी के क्षेत्र में हमेशा आगे रहते हैं। 

भारत में पिछले कुछ दशक में औद्योगिक और तकनीकी विकास देखने को मिल रहा है। भारत में और भी तकनीकी विकास की जरूरत है।  भारत आज भी एक विकासशील देश है मैं चाहती हूं कि मेरे सपनों का भारत ऐसा होना चाहिए की औद्योगिक और तकनीकी का विकास हो और मेरा भारत एक  विकासशील देश बने। 

अपराध दर में कमी आये

अपराध एक ऐसा शब्द है जिसको सुनने से ही ऐसा लगता है कि उस देश का नागरिक जरूर खतरे में है। भारत में समय के साथ अपराध दर  बढ़ते जा रहा है हम सभी जानते हैं कि जैसे बलात्कार, चोरी, डकैती, अपहरण, हत्या जैसे अनेक कांड सुनने को मिल रहे हैं। बहुत से मामलों में केस दर्ज नहीं होता है तो बहुत से मामलों में केस दर्ज होता है बहुत से मामलों के केसों की सुनवाई बहुत लेट होती है जिसके कारण सही टाइम पर इंसाफ नहीं मिल पाता है। 

अगर अपराध बढ़ रहा है तो इसका क्या कारण है बेरोजगारी अशिक्षा और गरीबी।  मेरी इच्छा यह है कि मेरे सपनों का भारत ऐसा हो जहां पर कोई भी अपराध ना हो और लोग कानून पर भरोसा करें। 

कृषि क्षेत्र विकास हो

किसान अपने देश को खाने के लिए भोजन प्रदान करता है। किसान हमारे देश का एक मुख्य हिस्सा होते हैं। हम सबको पता है कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। लेकिन फिर भी हमारे देश में। किसानों की हालत बहुत ही बुरी है। हम सब जानते हैं कि किसान प्रतिदिन आत्महत्या कर रहा है।

किसानों की हालत को सुधारने के लिए भारत सरकार ने कई  प्रकार की योजनाएं चलाई है। जिससे किसानों को सहायता मिल सके। मैं चाहती हूं कि मेरे सपनों का भारत ऐसा होना चाहिए की किसानों को सबसे ऊपर रखा जाए। क्योंकि वह हमें खाने के लिए अनाज प्रदान करते हैं।

निष्कर्ष Conclusion

मेरे सपनों का भारत ऐसा होना चाहिए जहां पर सबको समान अधिकार मिले जहां लोग खुशी और सुरक्षित महसूस करें और अच्छा जीवन जी सकें। आशा करते हैं आपको यह निबंध – मेरे सपनों का भारत अच्छा लगा होगा ।

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